essay on pollution

प्रदूषण पर निबंध Essay on pollution in hindi

प्रदूषण पर निबंध – Essay on pollution in hindi

 

हेल्लो दोस्तों, आज के इस लेख में हमने कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के छात्रों के लिए Essay on pollution in hindi प्रस्तुत किया है। मैं उम्मीद करता हूँ कि pollution par  निबंध से सभी छात्रों को फायदा मिलेगा।

हम सभी जानते है कि विज्ञान हमारे लिए वरदान है लेकिन अगर इसका दूसरा पहलू देखें तो विज्ञान हमारे लिए अभिशाप भी है। आज के आधुनिक दौर में लोग नई नई तकनीकी का उपयोग करते है। आधुनिक तकनीकी से हमें फायदे तो होते है लेकिन इसके कारण आज प्रदूषण जैसी बड़ी समस्या हमारे सामने आ रही है, वर्तमान समय में बढती हुई प्रदूषण के कारण ही आज हमारा वातावरण धीरे-धीरे ख़राब होता जा रहा है।

 

प्रदूषण क्या है ? what is pollution?

प्रदूषण, हमारे वातावरण या पर्यावरण में उपस्थित ऐसे दूषित पदार्थ जिसे “प्रदूषक” कहते है। जो हमारे पर्यावरण को दूषित करते है और प्राकृतिक संतुलन को  बिगाड़ देता है और ये प्रदूषक हमारे वातावरण को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से ये हमें नुकसान पहुँचाते है।

आप को पता होना चाहिए कि जब प्रकृति में उपस्थित प्रकृतिक रसायन, मनुष्यों के द्वारा निर्मित पदार्थों के साथ अलग-अलग मात्रा में अलग-अलग प्रकार के रासायनिक पदार्थ मिलकर प्रदूषक का निर्माण करते है। प्रदूषण के अलग-अलग प्रकार हमारी पृथ्वी और उसके वातावरण को लगातार नष्ट कर रहे है।

जिससे मानव के साथ-साथ सभी प्रकार के जीवों और पौधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे बहुत सी प्रजातियों के विलुप्त होने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए हमें लोगो को जागरूक करना होगा। जिससे लोगो को पता चले कि प्रदूषण को समाप्त करना उनका कर्तव्य बनता है।

 

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प्रदूषण के प्रकारऔर प्रभाव types of pollution & effects of pollution– 

वैसे तो प्रदूषण कई प्रकार के होते है। जब अलग-अलग प्रकार के रसायन अलग-अलग जगहों पर मिलते है। तो उसके फलस्वरूप विभिन्न प्रकार के प्रदूषण  सामने आते है, जैसे – जब भिन्न प्रकार की दूषित गैसें हवा में मिल जाती है।

तो इस प्रदूषण  को वायु प्रदूषण  कहते है। जब भिन्न प्रकार के दूषित रासायनिक पदार्थ जल में उपस्थित हो तो उसे जल प्रदूषण  कहते है। लेकिन जब दूषित पदार्थ भूमि में तो उसे  भूमि प्रदूषण  होता है। प्रदूषण के मुख्य प्रकार नीचे दिए गए है –

1.वायु प्रदूषण (Air Pollution) 

आज के इस आधुनिक दौर में लोगो बिना कुछ सोचे समझे आधुनिक यंत्रो का उपयोग करते है जिसकी वजह से हमारी वातावरण में उपस्थित हवा में अवांछित गैसों, धूल के कणों आ जाते है। जो हमारे और हमारे पर्यावरण के लिए खतरा उत्पन्न करते है। अगर इसके आसान भाषा ने कहा जाये, तो जब ऐसी गैसें हो हमारी वायु को गन्दा करे या वायु को दूषित करे तो उसे वायु प्रदूषण   कहते है।

वायु प्रदूषण का कारण causes of air pollution

वायु प्रदूषण के उत्पन्न होने के का सबसे मूल कारण यह है कि हमारे द्वारा चलाये जाने वाले वाहनों और बड़े बड़े कारख़ानों से निकलने वाला धुआँ है।

इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों आणविक संयंत्रों और जंगलों में पेड़-पौधे के जलने से निकलने वाले धुएँ से भी वायु प्रदूषण   होता है।

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वायु प्रदूषण के प्रभाव (effects of air pollution) 

इसका प्रभाव पेड़- पौधों और जीव- जंतुओं से साथ साथ मनुष्यों और हमारे पर्यावरण पर भी पड़ता है। जो निम्न प्रकार के है –

  • वायु प्रदूषण के कारण हमारी पृथ्वी का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है और इसके कारण ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या हमारे सामने आ रही है। इससे ध्रुव पर उपस्थित बर्फ  पिघलेगी और बहुत से छोटे देश इसमें डूब सकते है।

 

  • इससे अम्लीय वर्षा का खतरा बढ़ता जा रहा है। अम्लीय वर्षा होने का मुख्य वजह यह है कि सल्फर डाई आक्साइड और नाइट्रोजन आक्साइड दोनों जब पानी के साथ मिलते है तो सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) का निर्माण होता है। ये पानी के साथ जमीन पर गिरता है और बहुत से महत्वपूर्ण जैसे इमारतें, फासले और मनुष्यों का नुक्सान करता है।

 

  • इससे ठंडक से दिनों में कोहरा के धुएं और धुल के कणोंके साथ मिल जाती है और इससे आँखों में जलन और साँस लेने में तकलीफ़ होती है।

 

  • वायु प्रदूषण का प्रभाव मुख्य रूप से मनुष्यों पर होता है इससे मनुष्यों में कई प्रकार के बिमारियों होने के संभावना बढ़ जाती है।जल प्रदूषण (Water Pollution) – जल प्रदूषण का अर्थ है कि जल अर्थात पानी में उपस्थित ऐसे अवांछित और जहरीले पदार्थ जो जल को दूषित करते है। जल प्रदूषण होने के मुख्य रूप से जिम्मेदार हम लोग ही है। क्योंकि हम आधुनिकता में इतना खो गए कि हमने प्रदूषण   को देखा ही नही।
2.जल प्रदूषण के कारण (causes of water pollution) 

जल प्रदूषण होने का मुख्य कारण यह है कि कारखानों से निकलने वाले जहरीले पदार्थ, मनुष्यों के मल, गंदे नालो और सीवर का दूषित जल सीधे नदियों में गिराये जा रहे है। जिससे जल प्रदूषण जैसी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभाव (effects of water pollution)

जल प्रदूषण का प्रभाव मुख्य रूप से मनुष्यों, पशुओं, पंक्षियों और जलीय जीवों पर होता है। इससे बहुत से जलीय जीव और बहुत से पशुओं को मौत नदियों के जहरीले पानी को पीने से हो जाती है।

जब दूषित पानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर जाता है और वही पानी नल के द्वारा फिर वापस आ जाता है। और इस जल को पीने से बहुत से व्यक्ति बीमार पड़ जाते है और कइयों की मौत भी हो जाती है।

3. भूमि प्रदूषण (Soil pollution) 

भूमि प्रदूषण का अर्थ है कि जमीन में जहरीले और अनुपयोगी पदार्थ का उपस्थित होना, भूमि को बंजर बनाते है। भूमि प्रदूषण के जिम्मेदार केवल मनुष्य ही ही है, क्योंकि मानव निर्मित रासायनिक खाद और कचरे जो भूमि में दब जाते है और भूमि प्रदूषण   उत्पन्न करते है।

कारण (causes of soil pollution) 

भूमि प्रदूषण   का मुख्य कारण रासायनिक उर्वरक, कारखानों से निकलने वाले कचरे, प्लास्टिक कचरे, और घरेलू कचरे है। जो भूमि के सालो से दबते आ रहे है। और इससे भूमि प्रदूषण जैसी बड़ी समस्या हमारे सामने आती है।

प्रभाव (effects of soil pollution) 

भूमि प्रदूषण   के प्रभाव से भूमि बंजर हो जाती है और उस पर खेती करना असंभव हो जाता है। इससे भूस्खलन आने की संभावना बढ़ जाती है। तथा इससे दूषित अनाज की  पैदावार होती है जिसको खाने से स्वस्थ संबंधित परेशानियाँ आने लगती है।

4.ध्वनि प्रदूषण (Sound pollution) 

ध्वनि प्रदूषण का अर्थ है अत्यधिक शोर होंना। ज्यादा शोर होने की वजह से हमें अपने कामो में बाधा होती है इसको ही ध्वनि प्रदूषण   कहते है।

प्रदूषण होने के कारण (causes of pollution) 

प्रदूषण होने का मुख्य कारण यह है कि आज के इस आधुनिक दौर में हर व्यक्ति आधुनिक मशीनों का उपयोग बिना सोचे साझे कर रहा है।

वो इतना भी भी नही सोच रहा है कि इसका प्रभाव क्या होगा। लोगो को अपना कर्तव्य भी पता कि हमें अपने वातावरण को दूषित नही हों देना है और अपने आने वाली पीढ़ी के लिए हमें सब कुछ सुरक्षित रखना चाहिए।

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प्रदूषण रोकने के उपाय (solution of pollution)

प्रदूषण को रोकने के बहुत से उपाय है जो इस प्रकार है-

  1. प्रदूषण को कम करने के लिए हमें वृक्षारोपण करने की आवश्यकता है। क्योंकि पेड़ों की अधिकता होने के कारण वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा संतुलित रहेगी और इससे पृथ्वी का तापमान भी सुरक्षित रहेगा।
  2. प्रदूषण को बढ़ाने में प्लास्टिक का बहुत ही बड़ा रोल है। इसको कम करने के लिए हमें प्लास्टिक का उपयोग बंद करना होगा। प्लास्टिक पर पाबंद लगाने से भूमि प्रदूषण, जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण कम होने में मददगर होगा।
  3. प्रदूषण को कम करने के लिए हमें अपने वाहनों को इस्तेमाल कम करना करना होगा। क्योंकि वाहनों में ईंधन के जलने से कई तरह की दूषित गैसें निकलती है जो हमारे वातावरण को दूषित कर रहे है।
  4. हमें ईंधन का उपयोग कम करना होगा उसके स्थान पर सौर उर्जा का उपयोग करना होगा। जिससे प्रदूषण कम हो सके।
  5. हमें प्रदूषण को कम करने के के लिए रासायनिक खादों के जगह जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए। इससे प्रदूषण   भी कम होगा और भूमि की उर्वरता बनी रहेगी।
  6. घरेलू कचरे को सीधा कुददान में डाले, उसे नगर पालिका के कचरे वाली गाडी में डाल दे। क्योकि कचरे से कई तरह की जहरीले गई निकलते है जो हमारे लिए हानिकारक है।
  7. प्रदूषण को कम करने में का सबसे मुख्य उपाय है कि लोगो को जागरूक करे, क्योंकि यदि हर व्यक्ति अपने कर्तव्य को जानेगा। तो प्रदूषण को फ़ैलाने के बजाये उसको कम करने के लिए अपने आस पास के लोगो को भी जागरूक करेगा।

 

हमें अपने आने वाली पीढ़ी के लिए अपने वातावरण को सुरक्षित रखना होगा। इसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाये जैसे “स्वच्छ भारत अभियान” चलाये जा रहे है। प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से लड़ने के लिए हमें एक जुट होना पड़ेगा, तभी हम इस समस्या को खत्म करने में सफल हो पायेगें।

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प्रदुषण जैसी समस्या के बारे में और जानने के लिए कुछ  सरकारी websites है जिनसे आप जानकारी प्राप्त कर सकते है।

http://www.worldbank.org/en/topic/environment/brief/pollution

http://all-about-water-filters.com/how-to-solve-water-pollution-problems/

https://www.conserve-energy-future.com/pollutiontypes.php

https://www.conservationinstitute.org/land-pollution/

 

 

 

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