Essay on GST in hindi

जी.एस.टी. पर निबंध Essay on GST in hindi

जी.एस.टी. पर निबंध Essay on GST in hindi

 

नमस्कार मित्रों, आज के इस लेख में हमने  GST  पर निबंध  प्रस्तुत किया है. ये लेख कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए उपयोगी है. हम इस लेख को उन सभी छात्रों के लिए लिख रहे है जिन्हें इसकी जरूरत है. मैं आशा करता हूँ आप को  GST  पर निबंध  आएगा.

 

what is gst?  जी.एस.टी. क्या है? 

 GST का अर्थ है Goods and Services Tax (वस्तु और सेवा कर ).ये एक तरह का अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax)  है जो goods अर्थात सामानों पर लगाये जाते है.  ये सामान किसी भी तरह के हो सकते है. ऐसे सामान जिसे हम खा और पी सके, छू सके और खरीद सके. जैसे-  खाने-पीने की चीजें, फर्नीचर,  कपड़े, किताबें, गाड़ियाँ, CDs, Real Estate Printers computers and computer hardware आदि.

सरकार द्वारा इन टैक्सों को सामान के आधार  पर अलग-अलग दर पर टैक्स लिया जाता है. सरकार अपने अनुसार इस दर को नियंत्रित करती है.

 

 

GST भारत में 1 जुलाई 2017 में लागू हुआ, और सबसे पहले इसे लागू करने वाला राज्य असम Assam था. जी.एस.टी. के लिए हर राज्य का अपना एक कोड होता है जिसे TIN (Tax Payer’s Identification Number) कहते है. ये 11 अंकों का एक  unique रजिस्ट्रेशन नम्बर होता है जिसके आगे के अंक राज्य के कोड को प्रदर्शित करते है.  जो इस प्रकार है –

 

SERIAL NO.           STATE NAME STATE CODE
1. JAMMU AND KASHMIR 1
2. HIMACHAL PRADESH 2
3 PUNJAB 3
4 CHANDIGARH 4
5 UTTARAKHAND 5
6 HARYANA 6
7 DELHI 7
8 RAJASTHAN 8
9 UTTAR  PRADESH 9
10 BIHAR 10
11    SIKKIM 11
12    ARUNACHAL PRADESH 12
13    NAGALAND 13
14 MANIPUR 14
15    MIZORAM 15
16    TRIPURA 16
17 MEGHALAYA 17
18 ASSAM 18
19 WEST BENGAL 19
20 JHARKHAND 20
21 ODISHA 21
22 CHATTISGARH 22
23 MADHYA PRADESH 23
24 GUJARAT 24
25 DAMAN AND DIU 25
26 DADRA AND NAGAR HAVELI 26
27 MAHARASHTRA 27
28 ANDHRA PRADESH(BEFORE DIVISION) 28
29    KARNATAKA 29
30 GOA 30
31 LAKSHYADEEP 31
32 KERALA 32
33 TAMIL NADU 33
34 PUDUCHERRY 34
35 ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS 35
36 TELANGANA 36
37    ANDHRA PRADESH 37

 

 

 

History of gst जी.एस.टी. का इतिहास 

भारत में आने से पहले GST का इतिहास बहुत ही बड़ा है. GST को सबसे पहले लागू करने वाला देश फ़्रांस था. इसके बाद बहुत से देशों ने GST को लागू किया. भारत में GST का लागू करने का सुझाव 2010 में आया था लेकिन कुछ कारणों के चले ये लागू नही किया जा सका.  लेकिन 1 जुलाई 2017 को अनुच्छेद 279 और ACT 101  के तहत GST को लागू किया गया.

 

types of gst? जी.एस.टी. के प्रकार 

 GST  को वसूल करने का हक़ राज्य और केंद्र सरकार दोनों को है इसी के आधार पर GST तीन प्रकार की होती है –

  1. स्टेट जी.एस.टी. (State GST )
  2. सैंटरल जी.एस.टी. (Central GST)
  3. इंटिगरेड जी.एस.टी. (Intigrade GST)

 

जब कोई सामान केवल एक ही राज्य में ख़रीदा बेचा जाता है तो इस स्थिति में राज्य और केंद्र दोनों ही इस पर टैक्स लगा सकते है. और जब कोई सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में बेचा जाता है तो उस पर इंटिगरेड जी.एस.टी. (Intigrade GST) लगता है.

GST के आने से कुछ पुराने कर TAX जो ख़त्म किये जायेंगे. जैसे –

  1. VAT
  2. Central Sales Tax
  3. Entry tax & Octroi
  4. Entertainment Tax
  5. Taxes on lottery, betting, gambling
  6. State Cess and Surcharge
  7. Service Tax
  8. Central Excise Duty
  9. Additional Excise Duty
  10.  Additional Duty of Custom
  11. Central Cess and Surcharge

 

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GST rates जी.एस.टी. की दर

भारत सरकार द्वारा अलग-अलग वस्तुओ पर जी.एस.टी. की अलग-अलग दर निर्धारित किये गए है. ये दरें पांच प्रकार की है –

  1. 0%
  2. 5%
  3. 12%
  4. 18%
  5. 28%

 

ये दरें वस्तुओं की क्वालिटी के अनुसार लगाये जाते है. जैसे 28% की दर हमेशा luxury items पर ही लगते है.  बहुत से ऐसी वस्तुएँ भी है जिन पर GST नही लगती है जैसे – कच्चा तेल crude oil,  Dissel, Petrol ,  aviation turbine fuel एवं प्राकृतिक गैस आदि.

 

 
Benefits of GST जी.एस.टी. के लाभ 

GST  के लागू होने से जनता और सरकार दोनों का ही फायदा है. इसके लागू होने के कारण जनता के द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न करों Tax के स्थान पर केवल एक ही टैक्स  जी.एस.टी. देना होगा. इससे पहले हम कई प्रकार के टैक्स देते थे लेकिन अब GST के आने के बाद केवल एक टैक्स ही देना होगा. इसके आने से बहुत से सामान जिन पर टैक्स नही लगेगें, उनकी कीमत भी कम हो जाएगी.

जी.एस.टी. के आने से सरकार का भी फायदा है. इसके आने से कोई भी टैक्स की चोरी नही कर पायेगा, और सरकार को टैक्स वसूलने में भी ज्यादा दिक्कत नही होगी.

 

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GST registration जी.एस.टी रजिस्ट्रेशन 

अगर आप अपने बिज़नेस के लिए  जी.एस.टी.  का रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते है, तो इसके लिए कुछ डॉक्यूमेंट लगते है जो इस प्रकार है –

  1.             आधार कार्ड
  2.             फोटो
  3.             बैंक अकाउंट
  4.             पैन कार्ड
  5.             व्यापार के स्थान का पता
  6.             डिजिटल सिग्नेचर

 

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 GST के रजिस्ट्रेशन के लिए आप सरकार की official site – https://www.gstregistrationonline.org/ पर जा कर रजिस्ट्रेशन कर सकते है.

rule of GST जी.एस.टी.के नियम – GST के नियन इस प्रकार है 

 

  1.  सेंट्रल गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (CGST) –  Central Goods and Services Tax केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला Tax है जो वस्तुओं और सेवाओं के राज्यों में सप्लाई पर लगाया जाता है। इसे CGST ACT द्वारा लगाया गया है। SGST भी अंतरराज्यीय सप्लाई पर ही राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला कर Tax है।
  2.  स्टेट गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (SGST) – State Goods and Services Tax यानी कि SGST भी एक तरह राज्यों में सप्लाई पर लगाया जाने वाला कर है जो SGST ACT द्वारा राज्य सरकार वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लगाती है।

 

  1.  इंटीग्रेटेड गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (IGST) – Integrated Goods and Services Tax राज्यों के बीच वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाने वाला कर Tax है, जो IGST ACT द्वारा लगाई जाती है। यह कर भारत से बाहर वस्तुओं या सेवाओं के निर्यात या फिर भारत में वस्तुओं एवं सेवाओं के आयात पर लगाया जाता है। इसमें टैक्स को राज्य और केंद्र सरकारों के बीच बांटा जाता है।

 

 

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