essay on global warming in hindi

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध Essay on global warming in hindi

 ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध Essay on Global Warming in hindi

 

Essay on global warming in hindi आज के इस लेख में हमने कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के छात्रों के लिए  ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध  प्रस्तुत किया है। आप सभी ने ग्लोबल वार्मिंग global warming के बारे में सुना होगा।  ये न केवल हमारे देश बल्कि पूरे विश्व के पर्यावरण से जुड़ा विशेष मुद्दा है। हमारे आस पास अनुकूल वातावरण बना रहे इसके लिए हमें global warming जैसे बड़े मुद्दों को देश के सामने लाना होगा। जिससे लोगो को इसके बारे में पता चले और लोगो में जागरूकता फैले। मैं उम्मीद करता हूँ कि इस निबंध से सभी छात्रों को फायदा मिलेगा।

 

ग्लोबल वॉर्मिंग क्या है ?  what is global warming?

ग्लोबल वॉर्मिंग को अगर हम आसान भाषा में समझे तो इसका अर्थ है पृथ्वी के तापमान (temperature) में वृद्धि और तापमान (temperature) के बढ़ने के कारण मौसम में होने वाले परिवर्तन को ही ग्लोबल वॉर्मिंग global warming कहते है। लगातार हमारे पृथ्वी के वातावरण के तापमान में वृद्धि हो रही है। इसका मुख्य कारण प्राकृतिक और मनुष्यों द्वारा निकाले गए खतरनाक गैंसे है। जैसे – कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रोजन ऑक्साइड, आदि। इन गैसों को ग्रीन हाउस गैस भी कहते है। ये गैसें मुख्य रूप से पृथ्वी के तापमान को बढ़ाने में सहायक है।

हम सभी को पता है कि पृथ्वी पर ऑक्सीजन की मात्रा ज्यादा होने पर तापमान संतुलित बना रहेगा, लेकिन आज इस आधुनिक दौर में बढ़ते हुए प्रदूषण के कारण कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे गैंसे बढ़ रही है। जिसके फलस्वरूप पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, अन्टार्कटिका का बर्फ पिघल रही है, जिसकी वजह से जल का स्तर धीरे धीरे बढ़ रहा है, रेगिस्तान के क्षेत्र में क्षेत्रफल में वृद्धि हो रही है, ग्रीन हाउस प्रभाव जैसी मुसीबत सामने आ रही है।

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ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण global warming causes 

ग्लोबल वॉर्मिंग होने के कई कारण है जिनमे प्रदूषण सबसे मुख्य कारण है। प्रदूषण के बढ़ने से हमारे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें बढ़ने लगती है। कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से कार्बन डाइऑक्साइड गैस atmosphere के ऊपरी परत में इकट्ठा हो जाती है

जिससे सूर्य से आने वाली ऊष्मा अंदर तो आ जाती है लेकिन पृथ्वी की  सतह से बाहर नही जा पाती है। जिससे पृथ्वी का तापमान धीरे धीरे बढ़ने लगता है। वैसे तो ग्लोबल वार्मिंग  होने के तीन कारण है –

  1. प्राकृतिक कारण natural causes of global warming 

ग्लोबल वार्मिंग  को बढाने में प्रकृति का भी कुछ हाथ है। हमारे वातावरण में उपस्थित हीं हाउस गैसें इसका मुख्य कारण है। इसमें से  कार्बन डाइ ऑक्साइड (CO2) मुख्य गैस है।

जो सूर्य से आने वाली ऊष्मा को सोख लेती है और पृथ्वी के तापमान के बढ़ने में मदद करती है। कुछ वैज्ञानिको का मानना है कि आने वाले समय में पृथ्वी का तापमान 3 से 6 डिग्री  तक बढ़ सकता है जोकि हमारे लिए बहुत ही घातक साबित हो सकती है। इससे आने वाले समय में दुनिया में कई देश पानी में डूब सकते है क्योंकि तापमान बढ़ने से बर्फ पिघलने लगाती है।

  1. मानवीय कारण human causes of global warming 

ग्लोबल वार्मिंग के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार मनुष्य है। क्योंकि मनुष्यों के विकास, आधुनिकरण औधोगिक विकास के कारण होने वाले प्रदूषण से हम प्रकृति से दूर होते जा रहे है और ग्लोबल वार्मिंग जैसी विशाल समस्या हमारे सामने आ रही है।

हम अपनी ख़ुशी और अपने विकास के लिए नदियों की धाराओं को रोक लेते है जिससे पेड़ पौधे और पूरा जंगल नष्ट हो जाता है। औधोगिक क्रनिती के कारण हमारे द्वारा उपयोग किये गए वाहनों से निकलने वाली गैसों के वजह से पृथ्वी का तापमान असामान्य रूप से बढ़ रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग के कुछ अन्य करण भी है जैसे – रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग, शहरीकरण, औधोगिकरण, वनों की कटाई आदि।

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ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव (effect of global warming)

हम लोगो ने बहुत सी प्राकृतिक आपदाएं देखी  होगी, जिससे मासूम लोगो को बाहरी नुक्सान उठाना पड़ता है। उसी प्रकार ग्लोबल वार्मिंग भी एक प्रकार की एक ऐसी आपदा है। जिसका प्रभाव तो बहुत धीरे-धीरे देखने को मिलता है, लेकिन ये बहुत ही घातक आपदा जिसकी भरपाई करना आसान नही होगा।  global warming का हमारे साथ- साथ पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं पर भी प्रभाव पड़ेगा।

 

  1. पौधों पर प्रभाव (effects of global warming on plants

ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी का तापमान अनियमित रूप से बढ़ेगा, जिससे अत्यधिक तापमान और पानी की उपलब्धता में कमी और मिट्टी की स्थिति में परिवर्तन के कारण पौधों की वृद्धि रुक जायेगी और एक समय ऐसा आएगा कि वो पौधे विलुप्त होने के कगार पर आ जाएगा। कुल मिलाकर, ग्लोबल वार्मिंग के कारण  जलवायु परिवर्तन से पौधों की वृद्धि में बाधा आने की आशंका है।

  1. जीव- जंतुओं पर प्रभाव global warming effects on animals 

 

ग्लोबल वार्मिंग के कारण जीव जंतुओं की कुछ प्रजातियों को खतरा हो सकता है जैसे caribou (reindeer), आर्कटिक लोमड़ी,  टोड,  ध्रुवीय भालू,  पेंगुइन,  ग्रे भेड़िये, और भी कई अन्य प्रजतोयं भी शामिल होंगी जो ग्लोबल वार्मिंग के कारण विलुप्त भी हो सकती है।

 

  1. मनुष्यों पर प्रभाव effects of global warming on humans 

ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव मनुष्यों पर भी देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से मनुष्यों में कई तरह की बीमारियों के होने की सम्भावना रहेगी। वातावरण में शुद्ध ऑक्सीजन की कमी हो जाएगी जिससे व्यक्तियों को शुद्ध ऑक्सीजन न मिलने से उनकी मौत भी हो सकती है।

ग्लोबल वार्मिंग  के कई अन्य प्रभाव भी जैसे – इससे तापमान बढ़ेगा और जिससे भीषण गर्मी पड़ेगी और रेगिस्तान के बढ़ने में आसानी होगी। इसके प्रभाव से उत्तरी और पूर्वी ध्रुव की बर्फ पिघलेगी जिससे कई सारे देश पानी में डूब सकते है। इसका प्रभाव हमारी  फ़सलों पर भी पड़ेगा।

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 ग्लोबल वार्मिंग का निराकरण solution of global warming

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के कई सारे उपाय है जिससे हम ग्लोबल वार्मिंग को आसानी से रोक सकते है।-

  1.  ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए हमें सबसे पहले पेड़ों की कटाई को रोकनी पड़ेगी। और इसके साथ- साथ और वृक्षारोपण की तरह जाना चाहिए। क्योंकि जब पेड़ों की अधिकता होगी तो कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा कम रहेगी।
  2. हमें उन स्रोतों का उपयोग करना चाहिए जो हमारे लिए ज्यादा हानिकारक न हो।
  3. हमें परिवहन के लिए साधनों को कम करने की जरूरत है अगर साधनों का उपयोग करना है तो पर्यावरण का पूरा ध्यान रखते हुए साधनों का उपयोग करना चाहिए।
  4. प्रदूषण को कम करने के लिए हमें सौर उर्जा का उपयोग करना चाहिए। बहुत से ऐसे यंत्र है जो सौर उर्जा से चलते। हमें उक उपयोग करना चाहिए।
  5. ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए हमारे इसके मुख्य घटक ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को रोकना होगा। जिससे जलवायु में आने वाले परिवर्तन को रोका जा सके।
  6. हमें लोगो को ग्लोबल वार्मिंग वार्मिंग से होने वाली हानियों के बारे जानना चाहिए जिससे उनको अपनी ज़िम्मेदारी का एहसास हो और वो अपने दैनिक जीवन मे बदलाव ला सके और ग्लोबल वार्मिंग जैसी बड़ी समस्या को सुलझाया जा सके।

 

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